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शिक्षा का अभाव

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जब तक हमारे को अध्यात्म ज्ञान नहीं होगा तब तक हम बुराई से नहीं बच सकते अध्याय4 का श्लोक 37 यथा, एधांसि, समिद्धः,अग्निः,भस्मसात्, कुरुते,अर्जुन, ज्ञानाग्निः,सर्वकर्माणि,भस्मसात्,कुरुते, तथा।।37।। अनुवाद:  ज्ञान रूपी अग्नि सी अज्ञान भस्म हो जाता है तत्वज्ञान से ? तत्वज्ञान सच्चे सद्गुरु के बिना नहीं हो सकता   मुखी हो कर कितनी बार गीता पढ़ लो चाहे वेद पढ़ लो चाहे कुरान पढ़ लो अध्यात्म ज्ञान हमारे समझ में नहीं आ सकता इसलिए गुरू होना अनिवार्य है किसी भी गुरु के पास जाने से हमारे को  तत्वज्ञान नहीं होगा  पहले हमारे को यह देखना होगा कि उस गगुरू को हमारे शास्त्रों का ज्ञान है या नहीं  वह शास्त्र अनुसार भक्ति विधि बताता है या नहीं गीता अध्याय 16 के श्लोक 23 और 24 में लिखा है जो शास्त्र विदि त्याग करके मन माना आचरण करते हैं  उसको नहीं तो सुख होता है नहीं गति होती है ना  सिंधी को प्राप्त करता है आप किसी भी साधु संत की सत्संग होगी या पुस्तकें पढ़ी होगी वह राम व कृष्ण के या ब्रह्मा विष्णु महेश के या माता हनुमान जी के मंत्र देते भक्ति करने का  ...

parmatma ak hai

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हमारे सभी शास्त्रों में यह लिखा है सबका मालिक एक है  चारों वेदों के अंदर श्रीमद्भागवत गीता के अंदर गुरु ग्रंथ साहिब के अंदर कुरान शरीफ बाईबल के अंदर??  हिंदू या मुस्लिम या सिख या ईसाई का कोई कहीं जिक्र नहीं है?? फिर हम क्यों तो हिंदू बने क्यो मुसलमान बने क्यों सीख बने क्यों इसाई  बने  क्योंकि हमारा मालिक एक है ?? अब प्रश्न यह उठता है वह सबका मालिक एक है कौन ??   कुरान शरीफ कुरान शरीफ में  नानक देव जी की वाणी में वेदों के अंदर एक परमात्मा का प्रमाण मिला है हमारे सभी शास्त्रों में वह परमात्मा कबीर परमेश्वर है एक परमेश्वर कबीर साहब की भक्ति करने से ही हमारे को सर्विस सुख मिल सकता है और जन्म और मृत्यु हमारा खत्म हो सकते हैं और हम सतलोक जा सकते हैं

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संत रामपाल जी महाराज के पास पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की सच्ची भक्ति है  और सच्ची भक्ति करने से परमात्मा मरे हुए को भी जिंदा कर देते हैं इसका  प्रमाण ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 162 मंत्र 2 तक है ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 80 मंत्र 2 पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब सतलोक में रहता है सच्चा सतगुरु से नाम लेकर के भक्ति करने से परमात्मा का लाभ मिलता है  उस परमात्मा के पास में चले जाते है  उनका फिर जन्म और मृत्यु हमेशा के लिए खत्म हो जाता हैं यह प्रमाण गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में हैं  शाम को 7:30 बजे सत्संग आता है साधना tv पर आप सत्संग जरूर देखे जी

सृष्टि रचना

सबका मालिक एक है वह कबीर साहिब है